Sunday, 11 January 2015

प्रेम

तेरे होने
या न होने से
कोई सरोकार नही
शब्दों से परे
बस
इक एहसास है
तेरा प्रेम....
जो ठहर गया है
अंतर्मन में
बहुत सारे सुखों
और..दुखों के साथ
पलता बढता है
पल पल......
कहीं बहुत
बहुत गहरे पैठ गया है
जम गया है जैसे
कभी न पिघलने वाली
बर्फ की तरह
बस गया है ह्रदय में
साँसों की तरह
तेरा प्रेम

@मोनिका शुक्ला

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