Sunday, 15 February 2015

प्रेम

प्रेम
एक आनन्ददायक पीड़ा
जिसे
मैने तुमने
हमने
हाँ...हम सभी ने
अनुभूत तो किया
पर
व्यक्त नही कर पाए
एक खुशबु....प्रेम
जिसे श्वास में भर लिया
और झूम लिए
अथाह उल्लास में
एक अश्रु...प्रेम
जो बह निकला
नयनो की कोर से
और डूब गये
अथाह बिषाद में
हाँ.........प्रेम इक एहसास मात्र
जिसे मैने तुमने  हम सभी ने
साक्षात्कार किया बस

@मोनिका शुक्ला

5 comments:

  1. It's such a big topic koi bhe usey sabdo may nahi samet shakta phir bhe ap ney ak acchi kosis ki aur premium ko naye sirey say paribhasit kiya uskey liye aap ko dhanawaad

    ReplyDelete